सोनिया बोलीं- गांधी की राह पर कांग्रेस ही चली है, नरसिम्हा राव को भी किया याद.

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राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की 150वीं जयंती पर कांग्रेस की पदयात्रा के समापन पर सोनिया गांधी ने पार्टी कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए कहा भारत की बुनियाद में गांधी के सिद्धांत हैं. कांग्रेस हमेशा गांधीजी के सिद्धांतों पर चली, जो पूर्ण सत्ता चाहते हैं वह गांधी को कभी समझ नहीं पाए.

Sonia Gandhi rajghat

  • महात्मा गांधी की 150 वीं जयंती
  • सोनिया का बीजेपी पर हमला
  • देश की तरक्की कांग्रेस की देन

राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की 150वीं जयंती पर कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी ने बीजेपी और आरएसएस को निशाने पर लेते हुए कहा कि गांधी के बताए हुए रास्ते पर सिर्फ कांग्रेस पार्टी ही चली है. साथ ही सोनिया ने पूर्व प्रधानमंत्री नरसिम्हा राव को याद करते हुए कहा कि नेहरू-शास्त्री-इंदिरा-राजीव-नरसिम्हा और मनमोहन सिंह ने महात्मा गांधी की राह पर चलकर ही देश को तरक्की की दिशा में ले जाने का काम किया है. पिछले कुछ साल में भारत की हालत जो हुई है उसे देखकर गांधी की आत्मा काफी दुखी होगी.

भारत की बुनियाद में गांधी

कांग्रेस की पदयात्रा के समापन पर सोनिया गांधी ने पार्टी कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए कहा भारत की बुनियाद में गांधी के सिद्धांत है. कांग्रेस हमेशा गांधीजी के सिद्धांतों पर चली, जो पूर्ण सत्ता चाहते हैं वह गांधी को कभी समझ नहीं पाए. गांधीजी प्रेम के लिए खड़े रहे, नफरत के लिए नहीं. झूठ की राजनीति वाले गांधी को नहीं समझ सकते.

कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी ने कहा कि महात्मा गांधी ने पूरी दुनिया को सत्य और अहिंसा का रास्ता अपनाने की प्रेरणा दी. आज भारत जहां पहुंचा है वह गांधी के रास्ते पर चलकर पहुंचा है. सोनिया ने कहा कि महात्मा गांधी का नाम लेना आसान है लेकिन उनके रास्ते पर चलना मुश्किल है.

गांधी की आत्मा दुखी

सोनिया गांधी ने कहा कि जो असत्य पर आधारित राजनीति कर रहे हैं वो कैसे समझेंगे कि गांधी सत्य के पुजारी थे. जिन्हें अपनी सत्ता के लिए सबकुछ करना मंजूर है वो कैसे समझेंगे कि गांधी अहिंसा के पुजारी थे. जिन्हें मौका मिलते ही अपने आपको सर्वेसर्वा बनाने की आदत हो वो गांधी के निस्वार्थ का मूल्य और लोकतंत्र को कैसे समझेंगे.

सोनिया ने कहा कि पिछले 5 साल की हालत देखकर गांधी की आत्म दुखी होती होगी. आज देश की हालत बिगड़ी है, किसान परेशान है, नौजवानों के पास रोजगार नहीं है, उद्योग धंधे बंद हो रहे हैं और महिलाएं गांव में ही नहीं बल्कि शहरों में भी सुरक्षित नहीं हैं. सोनिया ने कहा कि महात्मा गांधी के रास्ते से हटकर अपनी दिशा में ले जाने वाले पहले भी कम नहीं थे. पिछले कुछ सालों में साम-दाम-दंड-भेद का खुला कारोबार करके वे अपने आपको बहुत ताकतवर समझते हैं. इन सबके  बावजूद भारत नहीं भटका है, क्योंकि हमारे मुल्क में गांधी के विचारों की आधारशिला है.

सोनिया ने कहा कि भारत और गांधी एक दूसरे के पर्याय हैं. यह अलग बात है कि आजकल कुछ लोग इसे उलटा करने की कोशिश करते हैं. कुछ लोग चाहते हैं कि गांधी नहीं आरएसएस देश का प्रतीक बन जाए. लेकिन ऐसा नहीं हो सकता है, क्योंकि हमारे देश की नींव में गांधी के विचार पर रखी गई है.

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