अयोध्या फैसले का काउंटडाउन? थोड़ी देर में सुप्रीम कोर्ट में फाइनल फेज की सुनवाई.

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सर्वोच्च अदालत की ओर से इस मामले में 17 अक्टूबर तक सुनवाई खत्म करने को कहा गया है, ऐसे में अब सुनवाई के लिए सिर्फ चार दिन बचे हैं. सोमवार को अदालत में मुस्लिम पक्ष की ओर से दलील रखी जाएगी.

  • सुप्रीम कोर्ट में अयोध्या सुनवाई का अहम दिन
  • 17 अक्टूबर तक खत्म होनी है मामले की सुनवाई
  • मुस्लिम पक्ष और हिंदू पक्ष खत्म करेंगे अपनी दलील

सुप्रीम कोर्ट में रामजन्मभूमि-बाबरी मस्जिद सुनवाई अब अपने अंतिम दौर में चल रही है. सर्वोच्च अदालत की ओर से इस मामले में 17 अक्टूबर तक सुनवाई खत्म करने को कहा गया है, ऐसे में अब सुनवाई के लिए सिर्फ चार दिन बचे हैं. सोमवार को अदालत में मुस्लिम पक्ष की ओर से दलील रखी जाएगी.

सोमवार को शुरू हो रही अंतिम सुनवाई से पहले प्रशासन भी पूरी तरह मुस्तैद है. अयोध्या जिले में 10 दिसंबर तक के लिए धारा 144 लगा दी गई है, चप्पे-चप्पे पर सुरक्षाबल मुस्तैद हैं. ताकि अगर फैसले से कुछ असर होता है तो उसे संभाला जा सके. हालांकि, धारा 144 के इस फैसले से अयोध्या में दिवाली के मौके पर होने वाले दीपोत्सव पर कोई असर नहीं होगा.

चार दिन में पूरी होगी सुनवाई?

सुप्रीम कोर्ट की ओर से जो समयसीमा तय की गई है, उसके हिसाब से अब सुनवाई के लिए कुल चार दिन का समय है. सोमवार को मुस्लिम पक्ष की ओर से दलील रखी जाएगी, फिर 16 अक्टूबर तक का समय हिंदू पक्ष के जवाब के लिए रखा गया है. 17 अक्टूबर को इस मामले में दलीलों का आखिरी दिन हो सकता है.

चीफ जस्टिस के रिटायर होने तक आएगा फैसला?

चीफ जस्टिस रंजन गोगोई 17 नवंबर को रिटायर हो रहे हैं, ऐसे में उम्मीद लगाई जा रही है कि इस मामले का फैसला जल्द ही आ सकता है. बीते दिनों टिप्पणी करते हुए चीफ जस्टिस रंजन गोगोई ने कहा था कि इस मामले की सुनवाई 17 अक्टूबर तक खत्म नहीं होती है तो जल्द फैसला आने में दिक्कत हो सकती है.

कौन कर रहा है इस मसले की सुनवाई?

चीफ जस्टिस रंजन गोगोई के अलावा इस मामले की सुनवाई कर रही संविधान पीठ में जस्टिस एस.ए. बोबड़े, जस्टिस डीवाई चंद्रचूड़, जस्टिस अशोक भूषण, जस्टिस एसए नज़ीर भी शामिल हैं. मध्यस्थता की कोशिशें असफल होने के बाद से 6 अगस्त को इस मामले की रोजाना सुनवाई शुरू हुई थी, तब से लेकर अबतक हफ्ते में पांच दिन इस मसले की सुनवाई हो रही है.

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